Part 21 I 80 wpm dictation hindi l 80 wpm typing speed ll Hindi Shorthand Dictation II My Shorthand


नमस्‍कार दोस्‍तो,

             स्‍वागत है आपका, आपके अपने इस ब्‍लॉग My Shorthand पर जहां पर आपको उपलब्‍ध कराई जाती है Steno (Shorthand) से संबंधित विभिन्‍न प्रकार की Dictation विभिन्‍न गति के साथ में।   

             दोस्‍तो/मेरे प्‍यारे विद्यार्थीगण, आज की जो ये पोस्‍ट है वह विभिन्‍न प्रकार की स्‍टेनों से संबंधित परीक्षाओं को ध्‍यान में रखते हुए तैयार की गई है एवं इसकी गति के बारे में मैं बताना चाहूंगा कि आप सभी डिक्‍टेशन की 40wpm, 60wpm, 80wpm, 100wpm, 120wpm, 140wpm, 160wpm, में प्रैक्टिस करें जिससे आप अपने मनचाहे सपनों को प्राप्‍त कर सकें।

             यहां पर आपको डिक्‍टेशन के साथ उसका मैटर उपलब्‍ध कराया गया है बहुत जल्‍द ही इन मैटर की Outline भी उपलब्‍ध कराई जाएंगी इसलिए आवश्‍यक है कि आप हमारे You tube पर जुड़े एवं मेरे इस ब्‍लॉग पर भी जुड़े रहे, ताकि आपको और भी सहायता मिल सके स्‍टेनों सीखने में और इस क्षेत्र में कैरियर बनाने में। इसके साथ ही मैं कहना चाहता हूं, कि आप डिक्‍टेशन लिखने के बाद उसका मैटर से मिलान करें एवं जो भी गलतियां हैं, उनमें सुधार करें। यदि कोई परेशानी या सवाल आपके मन में होता है तो Comment के माध्‍यम से आप पूछ सकते हैं।

       यहां पर मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहूंगा कि यदि आपको मेरा यह प्रयास पसंद आ रहा है तो मेरे इस Blog  एवं My Shorthand You tube चैनज को अधिक से अधिक दोस्‍तों एवं जिनको स्‍टेनों सीखने की आवश्‍यकता उन सभी को शेयर अवश्‍य करें। धन्‍यवाद।। 


        
    '' महोदय, आज यह पहला अवसर है जबकि विरोधी दल के सदस्य को वित्त विधेयक पर अपने विचार स्वतंत्र रूप से प्रकट करने का अवसर मिला है। इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूँ। इससे पहले कि मैं अपने विचार सदन// के सामने रखूं मैं कुछ बातें आरंभ में ही साफ कर देना चाहता हूँ। आज देश की जो आर्थिक स्थिति है, वह ऐसी नहीं है, कि हम आम जनता पर करों का अधिक बोझ लाद सकें। साथ-ही-साथ हमें अपने(1) भुगतान संतुलन को भी एक निश्चित स्तर पर लाना है। इस दृष्टि से वित्त मंत्री महोदय ने जो उपाय वर्तमान बजट में बताए हैं, मैं उनसे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हूँ। ऊपरी दृष्टि से देखने से यह बहुत ही// संतुलित बजट नजर आता है लेकिन खेद है कि इसमें देश के आम गरीब वर्ग की पूरी तरह से उपेक्षा  की गई है। अच्छा तो यह होता कि मंत्री महोदय करों को बढ़ाने के स्थान पर सरकारी खर्च तथा सरकारी(2) शानो-शौकत में कुछ कमी लाने के उपाय सुझाते।
आमतौर पर यह समझा जाता है कि हम विरोधी दल वाले केवल सरकारी कार्यों की आलोचना करना ही जानते हैं। इसके सिवा और कुछ नहीं। मैं इस तथ्यसे पूरी तरह सहमत नहीं// हूँ। हम लोग जनता के प्रतिनिधि हैं। यदि हम ही जनता की भलाइ की बात नहीं करेंगे तो और कौन करेगा। वर्तमान परिस्थिति के संदर्भ में जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने की बात इस बजट में कही गई(3) है, उसका स्वागत किया जाएगा। आज देश के हर भाग से आम आवश्यकता की वस्तुओं की कमी महसूस की जा रही है इसका एकमात्र कारण वितरण व्यवस्था का अभाव है। प्रधानमंत्री जी ने स्वयं इस बात को स्वीकार किया है// कि देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाया जाएगा। जो धनराशि इस काम के लिए बजट में रखी गई है, वह भी काफी नहीं है। अच्छा होता कि खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति का(4) गठन किया जाता जो संसद द्वारा दिए अधिकारों का उपयोग करके सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए स्थाई एवं कारगर उपाय सुझाती। भारत एक विकासशील देश है और यहॉं पर आर्थिक उन्नति की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं। आवश्यकता// इस बात की है कि नियोजित विकास के साथ उन्मुक्त अर्थ व्यवस्था को अपनाने के लिए भी अवश्य ही कदम उठाए जाएं।''

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