स्टेनो (शॉर्टहैण्ड) की स्पीड
कैसे बढ़ाये ?
दोस्तों आज की यह पोस्ट स्टेनोग्राफी में स्पीड कैसे बढ़ाएं इस पर आधारित है। बहुत से स्टूडेंट्स द्वारा मेरे यूट्यूब चैनल My Shorthand पर कमेंट के माध्यम से पूछा गया था कि सर स्पीड
कैसे बढ़ाएं और वह सभी स्टूडेंट जो स्टेनोग्राफी को सीखते हैं या स्टेनोग्राफर बन
चुके हैं उन्हें सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुका है स्टेनो का 1 वर्षीय प्रशिक्षण प्राप्त करके 80 शब्द प्रति मिनट या 100 शब्द प्रति मिनट की गति का सर्टिफिकेट तो
प्राप्त कर लेते हैं और
ऐसी नौकरी जिनमें
केवल लिखित परीक्षा एवं स्टेनो सर्टिफिकेट के आधार पर चयन किया जाता है एवं स्टेनो स्किल टेस्ट नहीं लिया जाता है, वहां पर सर्टिफिकेट का प्रयोग करके नौकरी मिल
जाती है।
ऐसे पद जिनमें सिर्फ सर्टिफिकेट मांगा जाता है, वह अधिकांशतः
स्टेनो सहायक
ग्रेड 3 के पद होते हैं जिनमें वेतन की बात की जाए तो
वह 2400
ग्रेड पे की होती
है जोकि वर्तमान समय में एक सामान्य ग्रेड पर है एवं सहायक ग्रेड 3 का पद भी एक सामान्य सरकारी नौकरी का पद है।
अब हम बात करते हैं इससे ऊपर के पद की तो सहायक ग्रेड 2 या एसएससी द्वारा निकाले जाने वाले पद और अन्य ऐसे विभाग जहां पर
प्रतियोगी परीक्षा में लिखित परीक्षा के अलावा स्टेनो का स्किल टेस्ट लिया जाता है
वहां पर स्टेनो की स्पीड एवं हिंदी शुद्धता का विशेष ध्यान देना पड़ता है क्योंकि
इसी के आधार पर हमारा चयन उक्त पदों के लिए होता है।
स्टेनो प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए 80 शब्द प्रति मिनट और 100 शब्द प्रति मिनट की गति तो स्टेनो में कैसे भी
ले आता है लेकिन इसके ऊपर बात करें 120 शब्द प्रति मिनट,
140 शब्द प्रति मिनट
या 160
शब्द प्रति मिनट
की गति प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा अभ्यास की आवश्यकता होती है एवं अभ्यास के
साथ-साथ कुछ नियमों का एवं कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है क्योंकि यदि
इन सभी का पालन नहीं किया जाएगा तो आपकी स्पीड बढ़ नहीं सकती है। अब क्या है? यह नियम और कौन सी वे विशेष बातें हैं, या आपकी भाषा में कहें तो ट्रिक्स हैं, इनके बारे में हम बिंदुवार तरीके से नीचे बात
करते हैं।
1.
स्टेनो स्पीड बढ़ाने के लिए सबसे आवश्यक बात यह है कि आप जब भी स्टेनो की
प्रैक्टिस करें वह स्टेनो नोटबुक पर ही करें बाजार में जो आसानी से आपको मिल जाती
है क्योंकि इसमें जो लाइनों के बीच की दूरी होती है वह एक निश्चित आधार पर होती है
जो स्टेनो के लिए आवश्यक होती है यहां पर यह भी आवश्यक है कि प्रारंभ में तो आप
पेंसिल से स्टेनो लिखने का प्रयास करें एवं पेंसिल भी ऐसी हो जिसकी बार-बार ना
टूटने वाली हो कहने का आशय यह है कि ऐसी पेंसिल हो जो लिखते समय टूटे ना जिससे
आपके
लिखते समय आपका मन
स्थिर ना हो।
2.
जब आपकी स्टेनो में स्पीड बढ़ जाए या कहें कि
कुछ शब्द आपसे बनने लगे तो आप पेन का भी प्रयोग कर सकते हैं पेन भी ऐसा होना चाहिए
कि बीच-बीच में रोके ना उसकी जो गति है वह एक समान रहे क्योंकि यदि पेन आपका लिखते
समय रुकता है तो आपका मन स्टेनो लिखने से भटक सकता है और आपकी स्टेनो की स्पीड
नहीं बढ़ पाएगी तो प्रारंभ से ही अच्छे पेन और पेंसिल का प्रयोग करें।
3.
स्टेनो लिखते समय आप एक निर्धारित ऊंचाई की
टेबल का प्रयोग करें जिस पर नोटबुक रखकर आप लिखें एवं प्रयास यह करें कि आपके शरीर
का भजन आपके नोटबुक तरफ ना रहे और ना ही आपके शरीर का वजन आपको टेबल पर डालना
चाहिए।
4.
स्टेनो का अभ्यास प्रतिदिन निश्चित समय एवं अवधि तक अवश्य करना चाहिए और जब भी
आप अभ्यास करते हैं तो आप बीच-बीच में अभ्यास करके उठे नहीं क्योंकि ऐसा करने से
आपकी गति में इस बात का प्रभाव पड़ता है कम से कम 1 से 2 घंटे लगातार लिखने का प्रयास करें।
5.
आरंभ में जब आप स्टेनो लिखना सीख रहे होते हैं
उस समय संकेत लिपि की रेखाओं पर अभ्यास संभलकर करना चाहिए क्योंकि आरंभ में यदि
आपके संकेत लिपि की रेखाएं
ठीक ढंग से नहीं
बनती हैं
तो आप यह समझ
लीजिए कि यह जब आप गति बढ़ाएंगे उस समय सुधरेगी नहीं, और जिस कारण आपकी गति में लिखने पर स्वच्छता
एवं शुद्धता की कमी रहेगी और जब आप स्टेनो का अनुवाद करेंगे तो आपने भले ही सारा
मैटर लिखा हो, लेकिन आप अनुवाद ठीक तरीके से नहीं कर पाएंगे। इसलिए जब आप स्टेनो सीख रहे हों तो संकेत लिपि
की रेखाओं का अभ्यास बहुत संभलकर करें ताकि भविष्य में जब आपकी गति बढ़ जाये, उस समय अनुवाद करने में कोई भी कठिनाई न हो।
6.
रेखाओं तथा संकेतों को बनाते समय हमेशा संकेत लिपि के नियमों का पालन करें
धाराप्रवाह तथा सुचारिता का ध्यान रखें। संकेत लिपि की रेखाओं की लंबाई और उनके पतले होने, मोटे होने तथा व्रत्तों एवं आंकड़ों के
छोटे-बड़े होने आदि पर भी विशेष ध्यान दें। यदि आप इसकी अनदेखी करेंगे तो आपको गति बढ़ाने में बहुत परेशानी होगी और
अनुवाद करते समय शुद्धता की कमी होगी और अनुवाद में आपको शब्दों को लेकर बहुत भ्रम
उत्पन्न होंगे। इसलिए आवश्यक है, कि आप संकेत लिपि को लिखते समय इसके नियमों का पालन विशेष रूप से करें।
7.
आशुलिपि(शॉर्टहैण्ड/स्टेनो) में शब्द चिन्हों, संक्षिप्त--चिन्हों, सर्वनाम, वाक्यांश तथा एक ही वर्ण से उच्चारित हाेने वाले संकेतों का विशेष महत्व है
एवं इनकी प्रैक्टिस प्रतिदिन आपको डिक्टेशन लिखने से पहले अवश्य करना चाहिए
क्योंकि यदि आपकी इन सभी पर अच्छी पकड़ है तो आप किसी भी मैटर को आसानी से लिख
सकते हैं क्योंकि शब्द चिन्ह, संक्षिप्त चिन्ह, सर्वनाम आदि आपके प्रत्येक मैटर में कम से कम 50% रहते हैं उसके अलावा कुछ नए शब्द आ जाते हैं
तो आपको आवश्यक है कि इनका आपको प्रतिदिन अभ्यास करना चाहिए ताकि आप जब डिक्टेशन
लिखे तो आपको इनको लिखते समय रुकावट महसूस ना हो।
स्टूडेंट्स
जो आपने अभी 1 से
7 बिंदु तक नियम पड़े हैं वह तो थे आप के आधारभूत
नियम जिनका आपको पालन करना ही चाहिए एवं जिन को ध्यान में रखकर एवं प्रयोग कर कर आप 80 से 100 की स्पीड प्राप्त कर लेते हैं।
अब हम बात करते हैं
कि 100 से ऊपर 120 शब्द प्रति मिनट, 140 शब्द प्रति मिनट, 160 शब्द प्रति मिनट की गति कैसे प्राप्त करें। समझते हैं इनको निम्न बिंदुओं के माध्यम से:-
1.
स्टेनो पुस्तक में दिए गए सभी मैटर आपको बहुत अच्छी तरह से कम से कम 10-0 बार प्रति मैटर का अभ्यास करना चाहिए और
अभ्यास ऐसा होना चाहिए कि '''वक्ता'' (मैटर बोलने वाला)
के शब्द बोलने के
तुरंत बाद आपको उस शब्द को लिखने के लिए सोचना ना पड़े उसके मुंह से निकलते ही आप उस शब्दकोश संकेत लिपि में लिख लें। (स्टेनो पुस्तक में दिए गए मैटरों की डिक्टेशन
के लिए क्लि करें)
2.
डिक्टेशन( मैटर) लिखते समय यह आवश्यक है की ''वक्ता'' द्वारा मैटर को एक निश्चित गति से बोला जाए ऐसा ना हो की उसकी गति कभी बहुत ज्यादा कम
हो और कभी बहुत ज्यादा बढ़ जाए क्योंकि इससे आपकी लिखने की गति में प्रभाव पढ़ता
है। (इस हेतु आप यूट्यूब पर My Shorthand Channel पर दी गई डिक्टेशन से अभ्यास कर सकते हैं। )
3.
डिक्टेशन लिखते समय ऐसे शब्द जिनको लिखने में आपको रुकावट महसूस हुई है उन शब्दों को अलग से आप इतने बार
प्रैक्टिस करें कि वह शब्द डिक्टेशन बोलने वाले के तुरंत बाद आप उसको आसानी से लिख
सके आपको सोचना ना पड़े कि इसको संकेत लिपि में कैसे बनाएं।
4.
जिन शब्दों पर आपका हाथ डिक्टेशन लिखते समय रूका था उन शब्दों को अभ्यास
करने बाद आप पुनः उसी गति में उसी अभ्यास को फिर से लिखें और यह आंकलन करें कि
कहीं पुनः आपका हाथ उन शब्दों पर रुक तो नहीं रहा है। यदि रुक रहा है तो आप उन्हीं
शब्दों की पुन: प्रैक्टिस करें और यह प्रैक्टिस तब तक करना है जब तक आप एक
निश्चित धाराप्रवाह में उस अभ्यास को ना लिख सकें।
5.
डिक्टेशन के अभ्यास के दौरान आप प्रत्येक मैटर को 40 शब्द प्रति मिनट, 60 शब्द प्रति मिनट, 80 शब्द प्रति मिनट, 100 शब्द प्रति मिनट, 120 शब्द प्रति मिनट, 140 शब्द प्रति मिनट और 160
शब्द प्रति मिनट
जहां तक आप लिख सके आपको उस मैटर को सभी गति में या तो आप रिकॉर्ड करके प्रैक्टिस
करें या आपके लिए कोई डिक्टेशन बोलने वाला ''वक्ता'' है तो उससे सभी गतियों में डिक्टेशन बोलने को कहें एवं उसकी प्रैक्टिस करें। (इस हेतु आप यूट्यूब पर My Shorthand Channel पर दी गई डिक्टेशन जो कि सभी गति में उपलब्ध
है,
का अभ्यास कर
सकते हैं। )
6.
स्टेनो पुस्तक में दिए गए मैटर अभ्यासों के अलावा आप प्रतिदिन कम से कम एक दैनिक अखबार की
अभिव्यक्ति मैटर या किसी भी समाचार को संकेत लिपि में लिखें। (अखबार पर आधारित मैटर की डिक्टेशन के लिए यूट्यूब पर My Shorthand Channel पर दी गई डिक्टेशन से अभ्यास कर सकते हैं। )
7.
इसके अलावा आप जिस पद के लिए स्टेनो की तैयारी
कर रहे हैं विभाग से संबंधित शब्दावली के अभ्यासों का प्रयास करें। (विभिन्न विभागों से संबंधित अभ्यासों के
लिए यूट्यूब पर My
Shorthand Channel पर दी गई
डिक्टेशन से अभ्यास कर सकते हैं। )
8.
डिक्टेशन लिखते समय यदि कुछ शब्द आपके छूटते भी हैं तो उन्हें लिखने का प्रयास
करें और यदि आपको लगता है कि उन शब्दों को लिखने के चक्कर में आपकी स्टेनो छूट
जाएगी तो आप उन शब्दों को छोड़ें और आगे बढ़ जाए ताकि आप जितनी भी स्टेनो लिख पा
रहे हैं वह आसानी से लिख सकें एवं जो शब्द आपसे लिखते समय छूटे हैं उनका आप पुनः
प्रयास करें क्योंकि कभी कभी देखा गया है, कि विद्यार्थीगण उन छूटे हुए शब्दों को लिखने के कारण सारी की सारी डिक्टेशन
ही छोड़ देते हैं, जिस कारण उनकी गति नहीं बढ़ पाती है। जिस डिक्टेशन अभ्यास का मैटर आपका छूट रहा है, उसको आप तब तक प्रैक्टिस कीजिए जब तक आप उसको
एक निश्चित गति से बिना किसी शब्द को छोड़े लिख सकें।
9.
एक अच्छे स्टेनोग्राफर बनने के लिएऔर अच्छी गति प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक
है कि आप जितने भी मैटर का अभ्यास करते हैं उन सभी को संकेत लिपि में लिखने के
उपरांत उनका हिंदी अनुवाद करना चाहिए, ताकि आपको, आपकी गलतियां पता चल सकें और आप उनमें समय रहते
सुधार कर सकें इससे आपको यह भी पता चलता है कि आप किस संकेत को याद रख पा रहे हैं
या अनुवाद करते समय आपको किस संकेत को लिखने के बाद अनुवाद में भ्रम उत्पन्न हो
रहा है, उसमें आप सुधार कर पाएंगे।
10.
प्रतिदिन नए-नए शब्दों को संकेत लिपि में लिखने का प्रयास करें।
11.
गति बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि आप स्वयं ही
वाक्यांशों को बनाने के प्रयास करें। यदि आप स्वयं कुछ विशेष वाक्यांशों को बनाने की प्रैक्टिस कर लेते हैं तो आप
इससे 140
और 160 की गति प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि यहां पर आवश्यक होता है कि आप बहुत से
वाक्यांशों को याद रखें और उनकी वक्त करें क्योंकि इतनी स्पीड लिखने में आप
प्रत्येक शब्द को नहीं लिख सकते हैं आपको निश्चित वाक्यांश बनाने ही पढ़ते हैं। (वाक्यांशों की प्रैक्टिस हेतु क्लिक करें)
12.
यदि आप आम सभाओं में जाकर वहां दिए गए भाषण को लिखें तो आपकी स्पीड में और भी
ज्यादा वृद्धि हो सकती है ।
यह कुछ नियम और विशेष बातें हैं जिनको आप ध्यान में रखकर स्टेनो में बहुत
ज्यादा अच्छी गति प्राप्त कर सकती हैं और किसी भी उच्च पद पर नियुक्ति प्राप्त कर
सकते हैं, चाहे वह एसएससी का पद हो, विधान सभा रिपोर्टर का हो, लोक सभा रिपोर्टर का हो या और भी अन्य उच्च
पदों पर आप इन नियमों को प्रयोग करके अभ्यास करके उन पदों पर नियुक्ति प्राप्त कर
सकते हैं।
मेरा विश्वास है कि आपकी स्पीड यदि आप इन
नियमों को पालन करते हैं तो बढ़ जाएगी।
आपको यह पोस्ट कैसी लगी इसके बारे में आप कमेंट
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कीजिए क्योंकि आपको वहां मिलती है स्टेनो से रिलेटेड डिक्टेशन जिनका आप अभ्यास
करके एक अच्छे स्टेनोग्राफर बन सकते हैं।
।।धन्यवाद।।

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